शुक्रवार, 22 अगस्त 2014

अग्निवेश से हो सकती है पूछताछ


रायपुर से पकड़ी गई श्यामबती और जलदोई (बाएं से दाएं)

माओवादियों से कथित सांठगांठ रखने के मामले में स्वामी अग्निवेश की मुसीबतें बढ़ सकती हैं। अग्निवेश और माओवादी नेताओं के कुछ वीडियो पुलिस के हाथ लगे हैं। इसी को आधार बनाकर छत्तीसगढ़ पुलिस जल्द ही स्वामी अग्निवेश से माओवादियों से मेलजोल रखने के मुद्दे पर पूछताछ कर सकती है।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नारायणपुर पुलिस ने 9 अगस्त को नक्सलियों के शहरी नेटवर्क को संचालित करने वाली महिला नक्सली सोनी उर्फ श्यामबती और उसकी सहयोगी जलदोई को गिरफ्तार किया है। सोनी ने पुलिस और एसआईबी (स्पेशल टास्क फोर्स) की पूछताछ में कई अहम खुलासे किए हैं। श्यामबती से मिली जानकारी के आधार पर एसआईबी की टीम राजधानी के औद्योगिक क्षेत्र उरला, सिलतरा और भनपुरी की कई कंपनियों की जांच की तैयारी में है। पुलिस मुख्यालय के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, कांकेर, कोंडागांव, सुकमा, दंतेवाड़ा के कई नक्सली कमांडर नाम और पहचान बदलकर औद्योगिक क्षेत्रों में शरण लिए हुए हैं।
पीएचक्यू सूत्रों के मुताबिक श्यामवती की गिरफ्तारी के वक्त एसआईबी के हाथ कई वीडियो भी लगे हैं। जिनमें स्वामी अग्निवेश महिला नक्सली श्यामबती के साथ नजर आ रहे हैं। अब इसे आधार बनाकर पुलिस आगे की कार्रवाई करने की तैयारी में है। महिला नक्सली के वीडिया में नजर आए सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश से पूछताछ की तैयारी चल रही है।
इस बारे में स्वामी अग्निवेश ने तहलका से कहा कि उन्हें तो अब तक छत्तीसगढ़ सरकार या पुलिस की तरफ से कोई पत्र नहीं मिला है। इसलिए इस विषय पर अनावश्यक बोलने की जरूरत में नहीं समझता हूं
नारायणपुर एसपी अमित तुकाराम कांबले का कहना है कि चेतना नाट्य मंडली की अध्यक्ष श्यामबती के खिलाफ नारायणपुर थाना छोटेडोंगर में 4 मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ एक स्थायी वारंट लबित है। उस पर राज्य सरकार ने एक लाख रुपए व कोंडागांव पुलिस ने दस हजार का ईनाम भी घोषित कर रखा था
नक्सली नेता श्यामबती ने पुलिस को बताया है कि वह लगातार और सीधे तौर पर सेंट्रल कमेटी के सचिव गणपति, भूपति, कोसा, राजू उर्फ गुडसे उसेंडी के संपर्क में रहती है और उनके निर्देशों पर वह काम करती है। हार्डकोर महिला नक्सली सोनी उर्फ श्यामवती ने आठवीं तक पढ़ने के बाद माओवादियों के साथ जुड़ गई। सन् 2000 में डौला दलम के महिला नक्सली कमांडर फूलवती ने उसे अपने संगंठन में शामिल किया। 2000-04 तक डौला एलओएस की सदस्य रही और 2004-09 तक कूदूर एलओएस की साथ रही।

एडीजी नक्सल ऑपरेशन आर के विज ने बताया, गिरफ्तार दोनों महिला नक्सलियों पर सीआरपीएफ कैंप पर हमला, झाराघाटी पहाड़ी के पास सीआरपीएफ पार्टी पर हमला, नारायणपुर में पुलिस पार्टी पर हमला, विधानसभा चुनाव के दौरान हर्राकोडेर में पुलिस पार्टी पर हमला और मतदान पेटी लूटने के लिए फायरिंग करने के संगीन आरोप हैं। इन लोगों ने टेटम में सीआरपीएफ पार्टी पर भी हमला किया था
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