शनिवार, 1 अप्रैल 2017

अध्यात्म के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान

-देश में कई आध्यात्मिक संस्थान हैं, जो अपने अनुयायियों को ईश्वर से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हैं। लेकिन इन सबमें प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय अपने आप में अनूठा है। ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान अपने अनुयायियों ना केवल परमात्मा से तो जोड़ता है, बल्कि वर्षों से विश्व को पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दे रहा है। जब देश में किसी ने नहीं सोचा था कि आने वाले समय में पानी को बचाने की मुहिम भी चलानी पड़ेगी। वेस्टेज़ वॉटर को रिसाइकिल भी करना पड़ेगा। तब आबू रोड़ स्थित ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान ने इस दिशा में काम करना शुरु कर दिया था। आज से 12 वर्ष पूर्व संस्थान ने आबू रोड़ पर सीवेज वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट की शुरुआत की। जहां उस पानी को पुनः उपयोगी बनाया जाता है, जो शांतिवन में रहने वाले समर्पित भाई-बहनों और देश भर से आने वाले हजारों अनुयायियों के दैनिक कार्यों में इस्तेमाल होने के बाद सीवेज में चला जाता है। सीवेज प्लांट में प्रतिदिन 30 लाख लीटर पानी रिसाइकिल किया जा सकता है। 

ब्रह्माकुमारीज़ के सीवेज वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में पांच चरणों में पानी के शुद्धीकरण की प्रक्रिया की जाती है। सबसे पहले पानी शांतिवन स्थित अंडरग्राउंड टैंक में संग्रहित होता है। इस टैंक में ऑटोमेटिक पंप लगा हुआ है, जब टैंक भर जाता है, तब स्वचालित पंप पानी को ट्रीटमेंट प्लांट के टैंक में भेज देता है। यहां अलग-अलग क्षमता वाले टैंकों में एरियेटर पद्धति से पानी का शुद्धीकरण किया जाता है। अंत में पानी को क्लोरीन द्वारा भी साफ किया जाता है।


सीवेज वॉटर ट्रीटमेंट में रिसाइकिल होने के बाद पानी को भवन निर्माण कार्यों और बाग-बागीचों में इस्तेमाल किया जाता है। इससे हजारों लीटर पानी की रोजाना बचत होती है। साथ ही शांतिवन के अलावा ब्रह्माकुमारीज़ के अन्य कैम्पस भी हरियाली से आच्छादित रहते हैं। बहरहाल जब पूरी दुनिया पानी को लेकर हाहाकार कर रही है, ऐसे वक्त में प्रतिदिन हजारों लोगों का अपने परिसर में स्वागत करने के बाद भी ब्रह्माकुमारीज़ अपने वॉटर मैनेजमेंट के कारण अनूठी मिसाल पेश कर रही है।
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